कोंकण रेलवे द्वारा मानसून पेट्रोलिंग पर संरक्षा संगोष्ठी एवं प्रत्यक्ष प्रस्तुतीकरण
कोंकण क्षेत्र में मानसून के आगमन की संभावना निकट है। इसे ध्यान में रखते हुए, कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अपनी संरक्षा व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करते हुए संवेदनशील रेल सेक्शनों पर रातकालीन गश्त तथा संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे स्थायी चौकीदारों की तैनाती की है। मानसून अवधि के दौरान संरक्षा उपायों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कोंकण रेलवे के संरक्षा विभाग द्वारा दिनांक 03.06.2026 को रत्नागिरी में "मानसून पेट्रोलिंग" विषय पर संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया गया तथा पेट्रोलिंग प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया।
नाइट पेट्रोलमैन को सूर्यास्त से सूर्योदय तक अपने निर्धारित रेल सेक्शनों पर पैदल गश्त करने की जिम्मेदारी दी जाती है। वे मिट्टी के खिसकने, चट्टानों के गिरने, पटरियों पर जलभराव तथा अन्य ऐसी असामान्य परिस्थितियों पर निरंतर निगरानी रखते हैं, जो रेल परिचालन की संरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसी किसी भी असामान्यता के पाए जाने पर वे तत्काल निकटतम स्टेशन मास्टर को सूचित करते हैं ताकि आवश्यक कार्रवाई तत्परता से की जा सके।
प्रत्येक पेट्रोलमैन को अधिकतम 5 किलोमीटर तक का एक निर्धारित गश्ती क्षेत्र सौंपा जाता है। उसे अपने समीपवर्ती बीट के पेट्रोलमैन के साथ पेट्रोल डायरी का आदान-प्रदान करना होता है। समीपवर्ती बीटों को कवर करने वाले पेट्रोलमैनों के बीच डायरी का सफलतापूर्वक आदान-प्रदान तथा उसका अगले स्टेशन तक पहुंचना इस बात का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है कि संबंधित रेल सेक्शन सुरक्षित है और उस पर गाड़ियों का परिचालन सुचारु रूप से किया जा सकता है।
सेमिनार के दौरान पेट्रोल डायरी के आदान-प्रदान की प्रक्रिया का एक लाइव प्रदर्शन किया गया। स्टेशनों के बीच डायरी के सुचारु आदान-प्रदान में बाधा उत्पन्न कर सकने वाली विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों का अनुकरण किया गया तथा ऐसे हालात में पेट्रोलमैन द्वारा की जाने वाली आवश्यक कार्रवाई के बारे में कर्मियों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस सत्र की अध्यक्षता श्री सन्तोष कुमार झा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, कोंकण रेलवे द्वारा की गई तथा श्री राजीव कुमार मिश्रा, निदेशक (रेलपथ एवं कार्य) ने सभा को संबोधित किया और मानसून के दौरान रेल संचालन की संरक्षा सुनिश्चित करने में नाइट पेट्रोलिंग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस सेमिनार में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ लगभग 175 प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही, जिनमें ट्रैकमैन, पेट्रोलमैन, वॉचमैन, स्टेशन मास्टर, विभिन्न तकनीकी विभागों के पर्यवेक्षक, लोको पायलट एवं ट्रेन मैनेजर शामिल थे।
अग्नि संरक्षा अभियान के तहत प्रतिभागियों को अग्निशामक यंत्रों के उचित उपयोग की जानकारी प्रदान करने तथा उनमें संरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्यक्ष प्रदर्शन (लाइव डेमोंस्ट्रेशन) भी आयोजित किया गया।
इस सेमिनार ने प्रतिभागियों को लाइव प्रदर्शनों के माध्यम से मानसून पेट्रोलिंग प्रक्रियाओं तथा फायर सेफ्टी संबंधी उपायों की बेहतर समझ विकसित करने का अवसर प्रदान किया। इससे परिचालन संबंधी तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा मानसून अवधि के दौरान संरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।