कोंकण रेलवे ने ‘ऑन-द-स्पॉट’ संरक्षा पुरस्कारों के माध्यम से प्रत्यक्ष कार्यस्थल पर प्रदर्शित सतर्कता को सम्मानित किया
कोंकण रेलवे द्वारा अपनी सक्रिय ‘ऑन-द-स्पॉट कैश अवार्ड’ पहल के माध्यम से संरक्षा एवं सतर्कता की संस्कृति को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य उन कर्मचारियों को सम्मानित करना है, जो वास्तव में संरक्षा संबंधी खतरों की पहचान कर त्वरित रूप से निवारक कार्रवाई करते हैं। यह पहल श्री सन्तोष कुमार झा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, कोंकण रेलवे द्वारा प्रारंभ की गई है, जिसका उद्देश्य त्वरित रिपोर्टिंग और संरक्षा के प्रति तत्परता को प्रोत्साहित करना है। यह पहल यात्रियों एवं परिचालन संरक्षा के प्रति कोंकण रेलवे की अटूट प्रतिबद्धता को और सशक्त करती है तथा सभी सेक्शन के कर्मचारियों को सतर्क एवं सजग बने रहने के लिए प्रेरित करती है।
वित्तीय वर्ष 2025–26 की पहली छमाही के दौरान विभिन्न विभागों के कई कर्मचारियों ने विशेष सतर्कता का परिचय देते हुए संभावित जोखिमों की पहचान की, असंरक्षित परिस्थितियों को रोका तथा आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई की। उनकी तत्पर कार्रवाई से संभावित दुर्घटनाएं टल गईं और गाड़ियों का परिचालन सुचारु रूप से सुनिश्चित हुआ।
कोंकण रेलवे ने संरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए निम्नलिखित कर्मचारियों को सम्मानित किया है:
संरक्षा पुरस्कार विजेता
1. श्री पी. वी. रावूल, टीएम–IV
स्थान: कि.मी. 353/020–040 (सावंतवाड़ी रोड – ज़राप सेक्शन)
कार्य: प्वाइंट एवं क्रॉसिंग स्टॉक रेल में फ्रैक्चर का पता लगाकर गाड़ी के पटरी से उतरने की घटना को रोका।
पुरस्कार: ₹15,000
2. श्रीमती सुविधा स्वामी, स्टेशन मास्टर / कणकवली
स्थान: सिंधुदुर्ग स्टेशन
कार्य: डाउन रो-रो एसएचआरएन केआर-मंगल रेक की लटकी हुई एफपी पाइप की सूचना देकर उपकरण विफलता को टाला गया।
पुरस्कार: ₹1,000
3. श्री नारायण नेमळेकर, पॉइंट्समैन / अचिर्णे
स्थान: अचिर्णे स्टेशन
कार्य: डाउन रो-रो एसएचआरएन केआर–मंगल रेक की लटकी हुई एफपी पाइप का पता लगाया।
पुरस्कार: ₹1,000
4. श्री रंजीत सिंह एवं श्री महेन्द्र पाल, आरपीएफ स्टाफ तथा श्री वीर सिंह अधिकृत विक्रेता
स्थान: रत्नागिरी रेलवे स्टेशन
कार्य: चलती हुई गाड़ी सं.01167 से उतरते समय फिसल गए एक यात्री को तुरंत बचाकर अपनी साहस और संतुलित सूझ-बूझ का परिचय दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई ने यात्री को गाड़ी के नीचे आने से बचाया।
पुरस्कार: प्रत्येक को ₹5,000
5. श्री पी. एल. सावंत, ट्रैकमैन (P-29)
स्थान: किमी 191/5–6 (उक्शी–भोके)
कार्य: सुरंग के भीतर रेल फ्रैक्चर का समय रहते पता लगाकर एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
पुरस्कार: ₹10,000
6. श्री संदेश चव्हाण, टीटीई / रत्नागिरी
स्थान: ठाणे रेलवे स्टेशन
कार्य: गाड़ी सं.11003 (तुतारी एक्सप्रेस) में एक संदिग्ध व्यक्ति से बच्चे को बचाकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की।
पुरस्कार: ₹15,000
ये सम्मान से कोंकण रेलवे के फील्ड पर कार्यरत कर्मचारियों द्वारा संरक्षा मानकों को बनाए रखने में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका का प्रतीक हैं। उनकी प्रतिबद्धता और सतर्कता न केवल यात्रियों एवं रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि दूसरों को भी उच्चतम स्तर की सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करती है।
कोंकण रेलवे एक मजबूत संरक्षा तंत्र विकसित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। साथ ही, कोंकण रेलवे पर सुरक्षित और विश्वसनीय गाड़ी परिचालन में योगदान देने वाले प्रत्येक सराहनीय प्रयास को भविष्य में भी निरंतर प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाएगी।