कोंकण रेलवे मानसून-2026 के लिए तैयार
कोंकण क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता मानसून के आगमन के साथ अपने चरम पर पहुंच जाती है, वहीं दूसरी ओर अत्यधिक वर्षा और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेल परिचालन को सुचारु बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाती है। कोंकण रेलवे ने अपने संपूर्ण रेल नेटवर्क पर मानसून-2026 की तैयारियों के लिए व्यापक और विशेष उपाय करके यात्रियों की संरक्षा तथा रेल सेवाओं के निर्बाध संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
मानसून संबंधी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने हेतु कोंकण रेलवे ने एक व्यापक कार्य-योजना तैयार कर उसे लागू किया है। इस योजना में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, भू-संरक्षा उपायों के विस्तार, सतत निगरानी व्यवस्था, निरंतर पेट्रोलिंग तथा आपदा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया गया है, जिससे रेल परिचालन की संरक्षा, निरंतरता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
कोंकण रेलवे भू-संरक्षा एवं निगरानी प्रणालियों में निरंतर किए जा रहे सुधारों के साथ मानसून ऋतु की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए पूर्णतः तैयार है।
मानसून अवधि के दौरान संरक्षित एवं विश्वसनीय रेल परिचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 जून से 20 अक्तूबर, 2026 तक मानसून समय-सारिणी लागू की जाएगी। इस दौरान पूरे मार्ग पर विभिन्न सेक्शनों में गति प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
मानसून 2025 के लिए प्रमुख तैयारियां
बुनियादी संरचना और जल निकासी की तैयारी
- ढलानों की स्थिरता सुदृढ़ करने हेतु निर्धारित स्थानों पर कटिंग ढलानों का समतलीकरण तथा सॉइल नेलिंग का उपयोग किया गया है।
- सुरंगों एवं कटिंग क्षेत्रों में भू-गर्भीय संरचनाओं को सुदृढ़ बनाने तथा बोल्डर गिरने से रोकने के लिए रॉक बोल्टिंग एवं शॉटक्रीटिंग कार्य किए गए हैं।
- भू-तकनीकी चुनौतियों से संरक्षा सुनिश्चित करने हेतु गैबियन दीवारें, रिटेनिंग दीवारें, माइक्रोपाइल्स एवं बोल्डर नेटिंग जैसी संरचनात्मक संरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं।
- मानसून के दौरान जल निकासी को प्रभावी बनाए रखने हेतु किनारे की नालियों एवं वर्षा जल संग्रहण नालियों की सफाई तथा कंक्रीट लाइनिंग का कार्य पूरा किया गया है।
- भू-संरक्षा संबंधी चल रहे और पूरे किए गए कार्यों से मार्ग पर चट्टानों के गिरने तथा मिट्टी खिसकने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।
- संवेदनशील स्थानों पर जल निकासी हेतु पोर्टेबल डी-वॉटरिंग पंप लगाए गए हैं।
- कोंकण रेलवे के परिचालन में निरंतर किए गए इन भू-संरक्षा उपायों के फलस्वरूप, पिछले दस वर्षों में मानसून के दौरान बोल्डर गिरने से कोई भी बड़ा अवरोध उत्पन्न नहीं हुआ है।
मानसून गश्त एवं निगरानी व्यवस्था
- चयनित संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे गश्त के लिए 657 प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की जा रही है।
- आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु चिपलून, रत्नागिरी, कणकवली एवं वेर्णा में बीआरएन वैगनों पर स्थापित उत्खनन मशीनों को योजनाबद्ध रूप से रखा गया है।
- रेल अनुरक्षण वाहनों (आरएमवी) को 9 प्रमुख स्थानों — वीर, चिपलून, रत्नागिरी, राजापुर रोड, कुडाल, वेर्णा, कारवार, भटकल एवं उडुपि में रखे गए हैं।
- तत्काल कार्रवाई के लिए टॉवर वैगनों को माणगांव, चिपलून, रत्नागिरी, कणकवली, करमाली, कारवार एवं उडुपि में तैयार स्थिति में रखा गया है।
सुरक्षित परिचालन हेतु विशेष व्यवस्थाएं
- लोको पायलटों को कम दृश्यता की स्थिति में गाड़ियों की गति 40 किमी प्रति घंटा तक सीमित रखने तथा रेल स्तर से 100 मिमी से अधिक जलभराव होने पर गाड़ी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों की संरक्षा सुनिश्चित करने जैसी परिस्थितियों में रेल सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थगित किया जाएगा तथा जल स्तर सामान्य होने के बाद ही परिचालन पुनः प्रारंभ किया जाएगा।
- माणगांव, दिवाणखवटी, चिपलून, संगमेश्वर रोड, वैभववाड़ी रोड, कुडाल, मडगांव जंक्शन, काणकोण, कारवार, भटकल एवं उडुपि सहित प्रमुख स्थानों पर दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरण (एआरएमई स्केल-II) तथा सभी आवश्यक चिकित्सा किट एवं उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
- रत्नागिरी एवं वेर्णा में स्व-चलित दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन (एआरएमवी) तैनात रखी गई हैं, जिनमें ऑपरेशन थिएटर तथा आपातकालीन चिकित्सा सहायता की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- वेर्णा में दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) तैनात है जिसके द्वारा 15 मिनट के भीतर तत्काल कार्रवाई की जा सकती है।
- मानसून के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए स्थानीय एजेंसियों के माध्यम से जेसीबी, पोकलेन एवं डंपर उपलब्ध कराए गए हैं।
- आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु लोडेड बैलेस्ट गाड़ियों को तैयार रखा गया है।
उन्नत संचार प्रणाली
- संरक्षा कर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों में नियंत्रण कार्यालय एवं स्टेशनों से संपर्क बनाए रखने हेतु मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं।
- लोको पायलटों एवं ट्रेन प्रबंधकों को वॉकी-टॉकी उपलब्ध कराए गए हैं, साथ ही सभी स्टेशनों पर स्थापित 25 वॉट वीएचएफ सेट ट्रेन परिचालन के दौरान निर्बाध संचार सुनिश्चित करते हैं।
- आपातकालीन परिस्थितियों में नियंत्रण कार्यालय से त्वरित संपर्क सुनिश्चित करने के लिए मार्ग पर प्रत्येक 1 किलोमीटर की दूरी पर तथा 2 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली सुरंगों में प्रत्येक 400 मीटर पर आपातकालीन संचार सॉकेट (ईएमसी) स्थापित किए गए हैं।
- दुर्घटना राहत ट्रेनों (एआरटी) एवं दुर्घटना राहत चिकित्सा वैनों (एआरएमवी) में विश्वसनीय आपातकालीन संचार सुनिश्चित करने हेतु सैटेलाइट फोन उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी व्यवस्था
- वर्षा की मात्रा की निगरानी तथा अधिकारियों को समय पर सतर्क करने के लिए माणगांव, चिपलून, रत्नागिरी, विलवडे, कणकवली, मडगांव, कारवार, भटकल एवं उडुपि सहित 9 स्टेशनों पर स्वचालित वर्षामापी (सेल्फ-रिकॉर्डिंग रेन गेज) कार्यरत हैं।
- जल स्तर के निर्धारित सुरक्षा स्तर तक पहुंचने पर अधिकारियों को सतर्क करने हेतु घोड़ नदी (इंदापुर–माणगांव के बीच), काली नदी (माणगांव–गोरेगांव के बीच), सावित्री नदी (वीर–सापे वामणे के बीच) तथा वशिष्ठी नदी (चिपलून–कामथे के बीच) पर बाढ़ चेतावनी प्रणालियां सक्रीय हैं।
- वायु वेग की सतत निगरानी के लिए पनवल वायाडक्ट (रत्नागिरी–निवसर के बीच), मांडवी पुल (थिविम–करमाली के बीच), जुआरी पुल (करमाली–वेर्णा के बीच) तथा शरावती पुल (होन्नावर–मंकी के बीच) सहित 4 प्रमुख वायाडक्टों एवं पुलों पर एनीमोमीटर स्थापित किए गए हैं।
चौबीसों घंटे नियंत्रण कक्ष एवं चिकित्सा सहायता व्यवस्था
- मानसून अवधि के दौरान बेलापुर, रत्नागिरी एवं मडगांव में 24×7 नियंत्रण कक्ष संचालित किए जा रहे हैं।
- स्टेशन मास्टर कार्यालयों तथा 9 रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्टों द्वारा मार्ग के सभी 72 स्टेशनों पर स्थापित सीसीटीवी निगरानी प्रणाली पर सतत निगरानी रखी जाती है।
- कोंकण रेलवे दैनिक मौसम संबंधी जानकारी प्राप्त करने हेतु भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखता है तथा मौसम पूर्वानुमानों के आधार पर क्षेत्रीय अधिकारियों को एसएमएस अलर्ट जारी करती है।
- आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने हेतु चिपलून, रत्नागिरी, वेर्णा, मडगांव, कारवार एवं उडुपि में चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं। कोंकण रेलवे की सभी गाड़ियों के पेंट्री कारों में आवश्यक एवं आपातकालीन दवाओं से युक्त प्राथमिक उपचार पेटिकाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
यात्रियों के लिए सूचना
- कोंकण रेलवे की वेबसाइट तथा हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से सभी यात्री गाड़ियों के वास्तविक समय स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कोंकण रेलवे संरक्षा, परिचालनिक विश्वसनीयता एवं यात्री सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। कोंकण रेलवे मानसून अवधि के दौरान व्यापक पूर्व-तैयारियों तथा सतत निगरानी व्यवस्थाओं के माध्यम से संरक्षित, निर्बाध एवं विश्वसनीय रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः तैयार है।