कोंकण रेलवे पर स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन - वर्ष 2026

कोंकण रेलवे हर्ष और उल्लास के साथ स्वतंत्रता दिवस और देशभक्ति के पर्व में राष्ट्र का हिस्सा बनकर जश्न मनाया। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, श्री सन्तोष कुमार झा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा कोंकण रेल विहार - नेरुल, नवी मुंबई में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), कोंकण रेलवे दल का निरीक्षण किया गया।

इस अवसर पर कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को संबोधित करते हुए श्री सन्तोष कुमार झा महोदय द्वारा स्वतंत्रता  दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उनके द्वारा कोंकण रेलवे के कर्मचारियों के समर्पित, निरंतर और प्रतिबद्ध  प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि संगठन की प्रगति और उत्कृष्ट सेवाओं के क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण  भूमिका रही है। उन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान कोंकण रेलवे द्वारा हासिल की गई कई उल्लेखनीय उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। इनमें से कुछ प्रमुख उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:

  • संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है: विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से मडगांव सेंट्रल एफओबी (फुट ओवर ब्रिज) को हटाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा होने की सराहना की गई। इसमें शामिल टीम के लिए 3 लाख रुपये के सामूहिक पुरस्कार की घोषणा की गई। असाधारण सतर्कता दिखाने और यात्रियों की जान बचाने व सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने में योगदान देने वाले बारह कर्मचारियों को भी व्यक्तिगत पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
  • शानदार वित्तीय प्रदर्शन: कोंकण रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹199.63 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जो सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों के प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है। 
  • प्रमुख परियोजना पोर्टफोलियो: लगभग ₹23,504 करोड़ की परियोजनाओं पर वर्तमान में कार्य प्रगति पर है, जबकि लगभग ₹23,000 करोड़ की परियोजनाएं विकास के विभिन्न चरणों में हैं।
  • यात्री सुविधाओं का विस्तार: वित्तीय वर्ष 2026-27 में यात्री सुविधाओं के विकास के लिए ₹20.53 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं। इसके अतिरिक्त, अगले तीन वर्षों में यात्री सुविधाओं पर ₹105 करोड़ व्यय किए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से मांडवी एक्सप्रेस और कोंकण कन्या एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त 3E कोच जोड़ा गया है। साथ ही, बांद्रा–मडगांव एक्सप्रेस और मडगांव–एर्नाकुलम एक्सप्रेस में अतिरिक्त 3एसी कोच उपलब्ध कराए गए हैं।
  • उन्नत स्टेशन सुविधाएं: कणकवली में एक वातानुकूलित लाउंज शुरू किया गया है और गोकर्ण रोड, सिंधुदुर्ग और कुडाल में वातानुकूलित लाउंज की योजना है। उडुपि, बैंदूर, मडगांव और थिविम में स्टेशन ट्रांजिट लाउंज की योजना है, जबकि सूरतकल और रत्नागिरी में रेल आर्केड विकसित किए जा रहे हैं। 
  •  यात्रियों की बेहतर संपर्क सुविधा: काचेगुडा-मुरुडेश्वर-काचेगुडा एक्सप्रेस को कुमटा तक विस्तारित गया है, जिससे इस क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी।
  • परिचालन प्रदर्शन: कोंकण रेलवे ने जनवरी से जुलाई,2026 के दौरान, 10,313 यात्री गाड़ियां, 245 ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ियां और 3,785 मालगाड़ियां और 37 यातायात विशेष गाड़ियों का सफलतापूर्वक संचालन किया। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में कुल रेल परिचालन में 8% की वृद्धि हुई।
  • राजस्व में वृद्धि: यातायात राजस्व ₹943.74 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6% अधिक है। टिकट निरीक्षक कर्मचारियों ने ₹16.60 करोड़ अर्जित किए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14% अधिक है।
  • माल ढुलाई का विकास: मई 2026 में झाराप स्टेशन से आयरन ओर की नई लोडिंग सेवा का  प्रारंभ की गई। 15 जुलाई तक बारह रेक लोड किए गए, जिससे ₹1.72 करोड़ का माल ढुलाई राजस्व प्राप्त हुआ।
  • ट्रैक और अवसंरचना संरक्षा: 11 किमी सीटीआर और 21 किमी सीआरआर का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। रेल वेल्ड विफलताओं में 46% की कमी आई। इसके अलावा, बीसीएम मशीनरी के माध्यम से 40 किलोमीटर से अधिक ट्रैक की टैम्पिंग तथा 5 किलोमीटर से अधिक ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग का कार्य पूरा किया गया। सभी 21 फुट ओवर ब्रिजों  का संरचनात्मक संरक्षा ऑडिट तथा आवश्यक मरम्मत कार्य भी पूर्ण कर लिए गए।
  • स्टेशन अवसंरचना का विकास: कुमटा, मुल्की और गोकर्ण रोड स्टेशनों पर उच्च-स्तरीय प्लेटफॉर्म तथा माणगांव, भटकल और पडुबिद्री स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म विस्तार का कार्य पूरा किया गया। इसके साथ ही उडुपि, मुल्की और सुरतकल स्टेशनों पर कोच पोजीशन डिस्प्ले सिस्टम स्थापित करने तथा प्लेटफॉर्म के सतहीकरण का कार्य भी किया गया।
  • सुगम्यता: दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवागमन को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 13 स्टेशनों पर टैक्टाइल टाइल्स बिछाई गईं।
  • आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ किया गया: आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने और संरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दो पूर्ण पैमाने के मॉक ड्रिल आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, संरक्षा सेमिनार, अग्नि सरक्षा ऑडिट तथा मानसून के दौरान संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष पहल भी की गईं।
  • तकनीक आधारित संरक्षा: चार स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में किए गए संशोधनों से लगभग ₹1.20 करोड़ की बचत हुई। परिचालन संरक्षा को और मजबूत करने के लिए आचिर्णे स्टेशन पर आधुनिक एमएसडीएसी एक्सल-काउंटर प्रणाली भी सफलतापूर्वक कार्यान्वित की गई।
  • बेहतर निगरानी एवं यात्री सूचना प्रणाली: 10 स्टेशनों और एक हॉल्ट पर कुल 196 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए। थिविम और उडुपि स्टेशनों पर कोच गाइडेंस सिस्टम शुरू किए गए। इसके अलावा, छह स्टेशनों पर ट्रेन सूचना डिस्प्ले बोर्ड भी स्थापित किए गए।
  • आपातकालीन प्रतिक्रिया: दुर्घटना राहत चिकित्सा वैनों  में ड्रोन कैमरे उपलब्ध कराए गए, जिससे दुर्घटना स्थलों का त्वरित हवाई आकलन, स्थिति की प्रभावी निगरानी और वास्तविक समय में आवश्यक जानकारी प्राप्त करना संभव हुआ। इसके साथ ही, 140 टन क्षमता वाली ब्रेकडाउन ट्रेन के संचालन एवं रख-रखाव के लिए वेर्णा में विशेष पिट का निर्माण किया गया।
  • रिकार्ड स्तर पर स्क्रैप निस्तारण: कोंकण रेलवे ने स्क्रैप निस्तारण के क्षेत्र में सबसे अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया। ₹34.12 करोड़ मूल्य के स्क्रैप का निस्तारण किया गया, जिससे ₹39.05 करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ।
  • एमएसएमई को प्रोत्साहन: कोंकण रेलवे की कुल खरीद में एमएसएमई की हिस्सेदारी 55.50% रही, जो सरकार द्वारा निर्धारित 25% के लक्ष्य से कहीं अधिकहै। इससे स्थानीय और छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिला।
  • कर्मचारी कल्याण: कर्मचारी कल्याण निधि के अंतर्गत कोंकण रेलवे के कर्मचारियों के बच्चों को नकद पुरस्कार एवं छात्रवृत्ति के रूप में ₹17.79 लाख वितरित किए गए। संशोधित रेनवेयर नीति के तहत ग्रुप ‘डी’ के कर्मचारियों को प्रत्येक वर्ष रेनवेयर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
  • स्वास्थ्य सेवाएं: चिकित्सा विभाग द्वारा 29 स्वास्थ्य एवं निवारक चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया गया, जिनसे 1,035 कर्मचारी एवं उनके आश्रित लाभान्वित हुए। इसके अतिरिक्त, यात्रियों से प्राप्त 762 चिकित्सा सहायता कॉलों पर सफलतापूर्वक आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।
  •  डिजिटल परिवर्तन: निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का फोटोग्राफिक रिकॉर्ड रखने के लिए ‘केआर इंस्पेक्शन मोबाइल ऐप’ विकसित किया गया और यह ऐप ऑफलाइन मोड में भी कार्य करने में सक्षम है।
  • सीएसआर पहल : कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत 25 विद्यालयों को 55 ऑल-इन-वन कंप्यूटर और 22 प्रिंटर उपलब्ध कराए गए, इसके अलावा 15 महाविद्यालयों को 18 डिजिटल स्मार्ट स्क्रीन प्रदान की गईं। इस पहल से रत्नागिरी और कारवार क्षेत्रों में तकनीक-सक्षम शिक्षा को बढ़ावा मिला।
  • यात्री संरक्षा: ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत ₹90.55 लाख मूल्य की 206 खोए हुए सामान को  उनके वास्तविक मालिकों को सुरक्षित लौटाए गए। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के अंतर्गत 56 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाकर चाइल्डलाइन को सौंपा गया। वहीं, ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत अवैध शराब की 3,813 बोतलें जब्त की गईं और 24 तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
  • प्रशिक्षण एवं कौशल विकास: जनवरी से जुलाई,2026 के दौरान 578 प्रशिक्षण कार्यक्रम, 49 कार्यशालाएं और 286 एलइएपी कार्यक्रम आयोजित किए गए। कोंकण रेलवे अकादमी और जीएफआयटीटी के माध्यम से 1,850 से अधिक बाहरी प्रतिभागियों को विशेषीकृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
  • जनसंपर्क: इस अवधि के दौरान, कोंकण रेलवे ने 948 पोस्ट और वीडियो के माध्यम से 19 मिलियन से अधिक सोशल मीडिया इंप्रेशन दर्ज किए, रेल मंत्रालय के 11 डिजिटल जागरूकता अभियान आयोजित किए और 141 प्रेस विज्ञप्तियां जारी कीं।
  • राजभाषा उपलब्धियां: कोंकण रेलवे की गृह पत्रिका 'कोंकण गरिमा' को श्रेष्ठ गृह पत्रिका पुरस्कार प्राप्त हुआ, साथ ही, कॉर्पोरेशन को 2026 के लिए श्रेष्ठ नराकास पुरस्कार के लिए चुना गया।

कोंकण रेलवे के रत्नागिरी और कारवार क्षेत्रों में 80वां स्वतंत्रता दिवस समान उत्साह, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित ध्वजारोहण समारोहों में कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जो कोंकण रेल परिवार की एकता, गौरव का प्रतीक रहा। इन समारोहों नेसुरक्षित, कुशल और विश्वसनीय रेल संपर्क सुनिश्चित करने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास तथा राष्ट्र की प्रगति में निरंतर योगदान देने के लिए कोंकण रेलवे की प्रतिबद्धता को और दृढ़ किया।

सुनील बी नारकर
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी