कोंकण रेलवे पर रो-रो सेवा हेतु वैगनों की वहन क्षमता में वृद्धि

कोंकण रेलवे की रोल-ऑन रोल-ऑफ सेवा जनवरी, 1999 में प्रारंभ की गई थी, यह एक अनूठा और किफायती माल परिवहन समाधान है, जिसके माध्यम से लदे हुए ट्रकों को सीधे रेलवे वैगनों पर ले जाया जाता है। इससे ईंधन की खपत, चालक की थकान, सड़क पर भीड़भाड़ तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है।

यह सेवा वर्तमान में कोंकण रेलवे मार्ग पर संचालित की जा रही है, जो कठिन पश्चिमी घाट क्षेत्र में ट्रक परिवहन के स्थान पर एक सुगम और कुशल लॉजिस्टिक विकल्प प्रदान करती है।

माल परिवहन की दक्षता में सुधार के अपने संकल्प के अनुरूप, कोंकण रेलवे ने रो-रो वैगनों की अनुमेय वहन क्षमता को 50 टन से बढ़ाकर 57 टन करने की स्वीकृति प्रदान की है।

प्रत्येक रो-रो रेक में अब निम्न शामिल होंगे:

● 15 बीआरएन वैगन जिन पर अधिकतम 57 टन तक लदे ट्रक परिवहन किए जा सकेंगे, तथा
● 35 बीओएक्सएन वैगन जिन पर अधिकतम 50 टन तक के ट्रक लदे जा सकेंगे।

नए बढ़ाए गए 57 टन क्षमता वाले वैगनों के साथ पहली रो-रो सेवा बुधवार, 05 नवंबर 2025 से प्रारंभ होगी।

इस क्षमता वृद्धि से भारी वाणिज्यिक वाहनों के परिवहन में सुविधा होगी, जिससे:

● परिवाहकों के लिए अधिक लोड ले जाने की अनुमति

● संचालनात्मक दक्षता में सुधार

बढ़ी हुई क्षमता से विशेष रूप से उन ट्रकों और उद्योगों को लाभ होने की उम्मीद है जो कोंकण रेलवे नेटवर्क के माध्यम से लोहा एवं इस्पात, संगमरमर, टाइल्स, निर्माण सामग्री और अन्य भारी माल का परिवहन करते हैं।

50 टन से अधिक लोड ले जाने वाले ट्रकों के लिए बुकिंग और संचालन संबंधी सहायता हेतु कृपया कोलाड - 9004476090 और सुरथकल - 9686656159 से संपर्क करें।

कोंकण रेलवे मालभाड़ा परिवहन समाधान में नवाचार और वेस्ट कोस्ट कॉरिडोर में कनेक्टिविटी मजबूत करके व्यापार और उद्योग के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध है।

सुनील बी नारकर
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी