कोंकण रेलवे का परिवर्तनकारी विकास: इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, यात्री-केंद्रित पहल और परियोजना उपलब्धियां
कोंकण रेलवे का नेटवर्क महाराष्ट्र के रोहा से कर्नाटक के ठोकुर तक 739 किलोमीटर है। यह मार्ग गोवा से गुजरता है और पूरा सेक्शन परिचालन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मुख्यतः एकल लाइन सेक्शन है, जिसे क्षमता वृद्धि और गाड़ियों के बेहतर संचालन हेतु रोहा–वीर (47 किमी) तथा मडगांव–माजोर्डा (8 किमी) के बीच योजनाबद्ध रूप से विकसित दोहरी लाइन सेक्शनों द्वारा सुदृढ़ किया गया है। 1003 ट्रैक किलोमीटर तथा 72 स्टेशनों वाला यह नेटवर्क देश के सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण अभूतपूर्व इंजीनियरिंग संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध मार्गों में से एक है।
इस रेलमार्ग पर कुल 91 सुरंगें हैं, जिनकी कुल लंबाई 84.50 किमी है। इनमें 6.5 किमी लंबी सबसे लंबी सुरंग भी शामिल है। कुल मार्ग का 11.45 प्रतिशत भाग सुरंगों से होकर गुजरता है। इसके अतिरिक्त, इस मार्ग पर कुल 1,891 पुल हैं, जिनकी कुल लंबाई 25.40 किमी है। इनमें 190 बड़े प्रमुख पुल शामिल हैं। साथ ही, 378 आरओबी/आरयूबी (रेल ऊपरी पुल/रेल निचला पुल) भी निर्मित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त इस मार्ग पर कुल 563 कटिंग्स शामिल हैं, जिनकी कुल लंबाई 223.8 किमी है, जो इस परियोजना में व्यापक उत्खनन कार्य और उच्चस्तरीय इंजीनियरिंग कार्य निपुणता को दर्शाती है। संरक्षा व्यवस्था को 87 मानव-संचालित समपार फाटकों के माध्यम से सुदृढ़ किया गया है और घाट सेक्शनों में 1:150 के रूलिंग ग्रेडियंट के साथ रेल परिचालन सुचारु रूप से संचालित किया जाता है।यह उल्लेखनीय है कि पूरा रेलमार्ग पूर्णतः विद्युतीकृत है, जिसमें ट्रैक का 42 प्रतिशत भाग सुरंगों अथवा कटिंग्स से होकर गुजरता है। यह कोंकण रेलवे की तकनीकी और परिचालन क्षमता का सशक्त प्रमाण है।
कोंकण रेलवे अपने संपूर्ण नेटवर्क में यात्रियों की सुविधा, आराम और संरक्षा को निरंतर प्राथमिकता देते आ रही है। वर्ष 2024–25 के दौरान औसतन प्रतिदिन 55 यात्री गाड़ियां एवं 17 मालगाड़ियां संचालित की गईं। कुल 20,056 यात्री गाड़ी ट्रिप परिचालन तथा 6,170 मालगाड़ी ट्रिप परिचालन दर्ज किए गए। यात्रियों की अत्यधिक भीड़ का प्रबंधन करने हेतु त्योहारों तथा विशेष कालीन भीड़ के दौरान नियमित रूप से विशेष गाड़ियों का परिचालन किया जाता है। केवल वर्ष 2024–25 में, ग्रीष्मकाल के दौरान 178 विशेष गाड़ियां, गणपति त्योहार के अवसर पर 304, शीतकाल में 94, तथा अन्य अवसरों पर 554 विशेष गाड़ियों का परिचालन किया गया। वर्ष 2025–26 के लिए प्रस्तावित योजना के अंतर्गत 185 ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ियां, गणपति उत्सव के लिए 381 विशेष गाड़ियां, शीतकाल के लिए लगभग 114 विशेष गाड़ियां तथा अन्य अवधियों के लिए 376 विशेष गाड़ियों का परिचालन करना शामिल है।
कनेक्टिविटी को बेहतर करने के उद्देश्य से कई नई रेल सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। इनमें 29 जून, 2023 से मुंबई सीएसएमटी–मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस (22229/22230), 30 दिसंबर 2023 से मंगलुरु सेंट्रल–मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस (20645/20646), 3 सितंबर 2024 से मडगांव–बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस (10115/10116) तथा 9 अक्तूबर, 2024 से सिकंदराबाद–वास्को एक्सप्रेस (17039/17040) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, लोकमान्य तिलक (ट)–तिरुवनंतपुरम सेंट्रल–लोकमान्य तिलक (ट) नेत्रावती एक्सप्रेस (16345/16346) तथा नागरकोइल–गांधीधाम एक्सप्रेस (16335/16336) के लिए काणकोण जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव प्रदान किए गए हैं।
पिछले तीन वर्षों के दौरान कोंकण रेलवे द्वारा गोवा राज्य में यात्रियों की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार किए गए हैं। थिविम और मडगांव स्टेशनों पर एग्जीक्यूटिव लाउंज प्रारंभ किए गए हैं, मडगांव में यात्रियों की विविध आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुविधा और आराम प्रदान करने हेतु कोप्रिहेंसिव रेल आर्केड स्थापित किया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करमाली में करंबोलिम झील के समीप लेक व्यू रेस्टोरेंट की शुरुआत की गई है। साथ ही, मडगांव और थिविम स्टेशनों पर मनोरंजन (रिक्रिएशन) एवं स्वास्थ्य क्षेत्र (वेलनेस ज़ोन) स्थापित किए गए हैं। मडगांव स्टेशन पर महिलाओं के लिए समर्पित “पिंक बबल” स्पेस, थिविम स्टेशन पर डिजी-लॉकर की सुविधा, एक स्टेशन एक उत्पाद (वन स्टेशन वन प्रोडक्ट) (ओएसओपी) पहल, यूपीआई सक्षम क्यूआर कोड टिकटिंग तथा पैकेज्ड खाद्य वस्तुओं और स्थानीय उत्पादों की बिक्री जैसी सेवाएं यात्रियों के यात्रा अनुभव को और बेहतर बनाती हैं। निजी उपयोग संबंधी सामग्री, स्थानीय हस्तशिल्प, स्टेशनरी तथा स्मॉल गारमेंट सहित गैर-कैटरिंग वस्तुएं भी गाड़ियों में और स्टेशनों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। थिविम, करमाली और मडगांव स्टेशनों पर पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) योजना के तहत 25.0 करोड़ रुपये की राशि आबंटित की गई। इसके अंतर्गत मडगांव स्टेशन पर फूड कोर्ट के ऊपर प्रतीक्षालय का निर्माण, दोपहिया वाहन पार्किंग शेड, सार्वजनिक सुविधा सह पार्किंग भवन, बस स्टॉप बुल्डिंग, ड्रॉप-ऑफ शेड, बाह्य विकास कार्य तथा विद्युतीकरण कार्य पूरे किए गए हैं। करमाली स्टेशन पर बर्ड ऑब्ज़र्वेटरी डेक का निर्माण किया गया है। थिविम स्टेशन पर कैफेटेरिया, सार्वजनिक सुविधा सह पब्लिक कम पार्किंग भवन, पीडब्ल्यूआई कार्यालय, बाह्य विकास कार्य तथा प्रकाश व्यवस्था का निर्माण कार्य पूरा किया गया है।
आगे की योजना के तहत गोवा में यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने की परिकल्पना की गई है, जिसमें करमाली स्टेशन पर एग्जिक्यूटिव लाउंज एवं ट्रांज़िट लाउंज, करमाली में डिजी-लॉकर सुविधा तथा मडगांव स्टेशन पर अतिरिक्त फूड कोर्ट की स्थापना शामिल है। पिछले एक दशक में स्टेशनों के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए गए, जिनमें प्लेटफार्मों का विस्तार, शेल्टर, सड़क ऊपरी पुल, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, प्लेटफार्म सतह का सुधार आदि कार्य शामिल हैं। अगले तीन वर्षों के लिए 11.60 करोड़ रुपये की लागत से परियोजनाओं के लिए योजना बनाई गई है, जिनमें प्लेटफार्म शेल्टर, लिफ्ट, जैव-शौचालय तथा प्लेटफार्म सतह सुधार कार्य शामिल हैं। यातायात सुविधाओं के अपग्रेडेशन के अंतर्गत वेर्णा में नई स्टेबलिंग लाइनों का निर्माण तथा मडगांव में पिट लाइन-2 का विस्तार किया गया है।
लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में कोंकण रेलवे द्वारा केंद्रीय वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के सहयोग से अत्याधुनिक भंडारण सुविधाएं विकसित की हैं, जिनके अंतर्गत इंदापुर, वेर्णा, उडुपि एवं ठोकुर में वेयरहाउस शेड स्थापित किए गए हैं, साथ ही, वेरणा में कंटेनर हैंडलिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। बाल्ली स्थित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएलपीबी) माल परिवहन के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जिसके कुशल संचालन के साथ विभिन्न परिवहन माध्यमों के बीच निर्बाध इंटरमोडल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाती है।
कोंकण रेलवे के डिज़ाइन एवं ड्रॉइंग कार्यालय, इन-हाउस भूवैज्ञानिकों की टीम तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों द्वारा, पुलों, सुरंगों और जटिल संरेखण जैसे कार्यों के लिए उन्नत अभियांत्रिकी समाधान प्रदान किया जाता हैं, जिन्हें प्री-प्रोजेक्ट परामर्श, डिज़ाइन परामर्श एवं परियोजना प्रबंधन में व्यापक अनुभव है।
कोंकण रेलवे की परियोजना निष्पादन कार्य-क्षेत्र में रेलवे, मेट्रो, राजमार्ग, जलमार्ग, औद्योगिक सुविधाओं और भवन निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं। 159 किलोमीटर से अधिक सुरंगों और 34 किलोमीटर पुलों के सफल निर्माण के साथ, कोंकण रेलवे वर्तमान में 15,000 करोड़ रुपये मूल्य की परियोजनाओं को सुचारू रूप से संचालित कर रही है। कोंकण रेलवे की प्रमुख उपलब्धियों में उधमपुर–श्रीनगर–बरामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) शामिल है, जिसमें चिनाब नदी पर विश्व का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज और अंजी खड़ पर भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज बनाकर इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का प्रमाण प्रस्तुत किया गया है।
अन्य प्रमुख परियोजनाओं में रोहा–वीर ट्रैक डबलिंग, कोंकण रेलवे मार्ग विद्युतीकरण, एएलपीयू और एमएमआरटी साइडिंग विद्युतीकरण, स्वचालित सिगनलिंग सिस्टम, आईपी-आधारित सीसीटीवी नेटवर्क की स्थापना, नए बीजी लाइन (रक्सौल–काठमांडू) और विजिन्जम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह से कनेक्टिविटी हेतु डीपीआर तैयार करना शामिल हैं। प्रमुख क्रियान्वित की जा रही परियोजनाओं में विभिन्न क्षेत्रीय रेलवे में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की विद्युतीकरण परियोजनाएं, केरल में ट्विन ट्यूब रोड टनल और पोर्ट कनेक्टिविटी परियोजना तथा ओडिसा, राजस्थान और महाराष्ट्र में सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शामिल हैं, जो कोंकण रेलवे की बहुआयामी विकास गतिविधियों का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
कोंकण रेलवे ने परिचालन एवं रख-रखाव क्षेत्र में विस्तार करते हुए मेट्रो परिचालन एवं रख-रखाव, लोकोमोटिव और यार्ड रख-रखाव, सिगनलिंग अनुरक्षण, ट्रैक एवं वैगन रख-रखाव और डिपो संचालन जैसी सेवाएं प्रदान करना शुरू किया है, जो रेलवे अवसंरचना विकास और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति इसके समग्र दृष्टिकोण को उजागर करती हैं। कोंकण रेलवे के समग्र प्रयासों को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें सार्वजनिक उपक्रम में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार, अनुसंधान एवं नवाचार में सर्वश्रेष्ठ उपक्रम, क्रय में श्रेष्ठ कार्य-निष्पादन, प्रशिक्षण एवं विकास में सर्वश्रेष्ठ उपक्रम, वर्ष के सीईओ का पुरस्कार, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एशियाई लीडरशिप अवार्ड तथा ऑपरेशनल उत्कृष्टता के लिए गोल्डन ग्लोब टाइगर्स अवार्ड शामिल हैं।
कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड गुणवत्ता, संरक्षा, पर्यावरण प्रबंधन और सूचना सुरक्षा के क्षेत्र में उच्चतम मानकों का पालन करता है, जो इसके आईएसओ प्रमाणपत्रों द्वारा प्रमाणित है। कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (ISO 9001:2015) के मानकों के अनुसार प्रमाणित है, जो इसके संचालन और सेवा वितरण में लगातार उत्कृष्टता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कोंकण रेलवे की निरंतर विकास पद्धतियों के प्रति प्रतिबद्धता को पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली (ISO 14001:2015) द्वारा प्रमाणित किया गया है। कॉर्पोरेशन कार्यबल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है, जिसे व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं संरक्षा प्रबंधन प्रणाली (ISO 45001:2018) द्वारा प्रमाणित किया गया है और संवेदनशील जानकारियों की सुरक्षा सूचना सुरक्षा मूल्यांकन एवं प्रमाणन (ISO 27001:2022) के माध्यम से सुनिश्चित की जाती है। ये प्रमाणपत्र कोंकण रेलवे द्वारा वैश्विक श्रेष्ठ पद्धतियों का पालन और संचालन उत्कृष्टता एवं यात्रियों की संतुष्टि की ओर निरंतर प्रयासों को प्रदर्शित करते हैं।
कोंकण रेलवे इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और नीतिगत विस्तार को संयोजित करते हुए रेलवे बुनियादी संरचना और संचालन मानकों को क्षेत्रीय सीमाओं से परे नए स्तर पर स्थापित कर रहा है। कोंकण रेलवे, प्रत्येक परियोजना के सफल निष्पादन और प्रत्येक नए क्षेत्र में प्रवेश के साथ, परिवहन विकास में एक विश्वसनीय राष्ट्रीय साझेदार के रूप में अपनी भूमिका को निरंतर सुदृढ़ करती है, नवाचार, विशेषज्ञता और गुणवत्ता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ प्रगति को गति प्रदान करती है।